देवघर से प्रेम रंजन झा का रिपोर्ट
*जामताड़ा:* जामताड़ा सदर अस्पताल में बुधवार को मरीज के परिजनों और कुछ उपद्रवियों द्वारा अस्पताल में तोड़फोड़ की गई और वहां के चिकित्सा पदाधिकारी व कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। इस घटना को लेकर राज्य संगठन झासा ने कड़ी निंदा की है और जिला प्रशासन से मांग की है कि सदर अस्पताल के उपाधीक्षक द्वारा जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनकी त्वरित गिरफ्तारी हो।
*क्या है पूरा मामला*
ज्ञात हो कि बुधवार को एक गर्भवती महिला प्रसव के लिए सदर अस्पताल पहुंची थी। ऑन ड्यूटी महिला चिकित्सक ने उसकी स्वास्थ्य की गंभीरता को देखते हुए उसे उच्च संस्थान में रेफर कर दिया। परिजनों द्वारा उसे ले जाने में काफी विलंब हुआ और जब उसे एंबुलेंस द्वारा उच्च संस्थान ले जाया जा रहा था तो रास्ते में उस महिला की मृत्यु हो गई।
इसके बाद महिला के परिजन एवं अन्य असामाजिक तत्वों द्वारा अस्पताल पहुंचकर अस्पताल की सेवा को बाधित करते हुए तोड़फोड़ की गई। वहां मौजूद चिकित्सकों और कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और अभद्र टिप्पणी भी की गई। इस पूरे घटना का सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध है।
*चिकित्सकों का कार्य बहिष्कार*
इस घटना के विरोध में आज जामताड़ा सदर अस्पताल के चिकित्सक कार्य बहिष्कार पर रहे। झासा ने चेतावनी दी है कि अगर आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो संगठन राज्य स्तरीय कार्य बहिष्कार करने पर बाध्य होगी।
झासा की राज्य इकाई लगातार जिला के सिविल सर्जन एवं जामताड़ा जिला इकाई के संपर्क में है।
*”अस्पताल में तोड़फोड़ उचित नहीं”*
इस घटना की जानकारी झासा के राज्य संयोजक सह वरीय दंत चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शरद कुमार ने दी। उन्होंने कहा कि अस्पताल के कार्यों को बाधित करना, अस्पताल में तोड़फोड़ करना, चिकित्सकों और कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करना कहीं से उचित नहीं है।
अगर किसी की गलती से किसी की मृत्यु हुई है तो उसके लिए जांच होनी चाहिए और जो दोषी हैं उन पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

More Stories
नकली पिस्टल से लूट करने वाले 3 बदमाश गिरफ्तार, मारगोमुण्डा पुलिस को मिली सफलता
झारखंड में अनिल शर्मा, सुरेंद्र बंगाली और फहीम खान समेत 53 कैदियों की रिहाई का प्रस्ताव खारिज
देवघर के पहले जेनेरिक स्टोर का उद्घाटन: डॉ. सुनील खवाड़े बोले- सस्ती ही नहीं उच्च गुणवत्ता वाली भी होगी दवा