देवघर से प्रेम रंजन झा का रिपोर्ट
नींव चाहे घर की हो, समाज की हो, देश की हो, विचारों की हो या फिर व्यवहारों की, मजबूत होनी चाहिए, क्योंकि मजबूत नींव ही भविष्य में होने वाली घटनाओं के आधार को तैयार करती है। कहते हैं कि बच्चों को जो भी सिखाना हो शुरू के कुछ सालों में सिखा दिया जाए तो वे जिंदगी भर याद रखते हैं क्योंकि बालमन भी एक बीज की तरह होता है- जो भी संस्कार, सोच और व्यवहार हम इस अवस्था में डालते हैं, वही आगे चलकर व्यक्ति और समाज का रूप धारण कर लेता है। ज्ञान का पहला अध्याय घर से शुरू होता है, लेकिन व्यवहारिक जीवन की सबसे बड़ी पाठशाला स्कूल है। ऐसा मानना है संत माइकल एंग्लो विद्यालय के चेयरमैन डॉ जे.सी राज का। डॉ. राज के अनुसार स्कूल सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं होते, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं। इतना ही नहीं समय का महत्व, अनुशासन, सामाजिक व्यवहार और सबसे ज़रूरी, स्वस्थ रहने की आदत का बीजारोपण भी स्कूल में ही होता है। डॉ. राज कहते हैं
स्वच्छता एक आदत नहीं, एक जीवन दर्शन है, जो अगर बचपन से सीख लिया जाए, तो एक स्वस्थ समाज की नींव बन सकती है। और इसी सोच को साकार रूप देने के लिए डॉ. राज ने संत माइकल एंग्लो विद्यालय में स्वच्छता कंपटीशन का आयोजन कर बारह छात्रों को “स्टूडेंट चैंपियंस इन हाइजीनिक अवॉर्ड” से सम्मानित किया।सम्मान पाने वाले छात्रों में विभा, अनन्या, तनिषा, जन्नत, मैडोना, लक्ष्य, पवन, राजवीर, राउसी, अनुभव, गौरव व अमनदीप शामिल हैं।मौके पर डॉ. जे सी राज द्वारा ‘स्वच्छता से स्वास्थ्य के सूत्र बतलाते हुए सबको शपथ दिलाई गई कि अपने आसपास गंदगी फैलने से रोक कर ग्रीन क्लीन करेंगे।मौके पर’ रिसोर्स एनर्जी सेवर सम्मान तनिषा को दिया गया।

More Stories
देवघर नगर निगम ने मांस-मछली-अंडा विक्रेताओं को जारी किया निर्देश, एक माह के अंदर लेना होगा NOC
संगठन संकल्प अभियान के तहत अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा की बैठक आज देवघर में* *बाबा नगरी में जुटेंगे झारखंड के 6 जिलों के स्वजातीय बंधु, समाज के उत्थान और सांगठनिक मजबूती पर होगी चर्चा
डिवाइन पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: कंस वध और नरसिंह अवतार की प्रस्तुति ने मोहा मन, राधा-कृष्ण रैंप वॉक और डांडिया ने बांधा समां* *भक्ति, संगीत और उल्लास के रंग में रंगा विद्यालय परिसर, बच्चों के साथ अभिभावकों ने भी लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा