
देवघर से प्रेम रंजन झा का रिपोर्ट

देवघर पुलिस ने अपनी जिम्मेदारियों के दायरे को एक नई दिशा देते हुए बुधवार को पुलिस केंद्र स्थित मीटिंग हॉल में CPR (कार्डियोपलमोनरी रिससिटेशन) पर एक व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। यह प्रशिक्षण *AIIMS Deoghar* के वरीय चिकित्सकों और उनकी टीम द्वारा दिया गया, जो करीब डेढ़ घंटे तक चला।

इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न थानों से एक-एक सहायक उपनिरीक्षक और आरक्षी ने भाग लिया, वहीं *बाबा मंदिर थाना के अधिकांश पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों* ने भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस कर्मियों को ऐसी आपात स्थितियों के लिए तैयार करना था, जहां तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं हो पाती।

प्रशिक्षण के दौरान डॉक्टरों ने अचानक हृदय गति रुकने यानी कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में CPR तकनीक के महत्व को विस्तार से समझाया।

डमी मॉडल के माध्यम से पुलिस कर्मियों को न केवल इसकी प्रक्रिया बताई गई, बल्कि सभी ने स्वयं अभ्यास कर इसे व्यवहारिक रूप से सीखा।

प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों का उत्साह और सीखने की ललक साफ नजर आई।

*पुलिस अधीक्षक सौरभ* ने इस पहल को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पुलिस अक्सर किसी भी हादसे या आपात स्थिति में सबसे पहले मौके पर पहुंचती है। ऐसे में CPR जैसी तकनीक का ज्ञान ‘
*गोल्डन ऑवर* में किसी व्यक्ति की जान बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है।
उन्होंने AIIMS Deoghar की टीम का आभार जताते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण आगे भी जारी रहेंगे, ताकि पुलिस बल को और अधिक सक्षम व संवेदनशील बनाया जा सके।
कार्यक्रम में एम्स देवघर की ओर से प्रोजेक्ट हेड डॉ. राखी गौड़, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर डॉ. अंजलि सॉ, प्रोफेसर डॉ. नितिन और नर्सिंग ऑफिसर मिस एकता ने प्रशिक्षण दिया।
देवघर पुलिस ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि वह केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा और संरक्षण के लिए हर मोर्चे पर तत्पर है।

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