
देवघर से मनीष पाठक संग प्रेम रंजन झा का रिपोर्ट
देवघर, 22 जुलाई 2025
आज सुबह देवघर के बॉम्पास टाऊन के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने शहर को झकझोर कर रख दिया। एक पिता जो रोज़ की तरह अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने जाते थे, एक बेकाबू बस ने उन्हें कुचल दिया। यह हादसा सिर्फ एक मानव त्रासदी नहीं है, बल्कि हमारे सिस्टम की घोर लापरवाही की एक मिसाल बन चुका है।

सुबह लगभग 7:45 के आस – पास, सेंट जेवियर्स स्कूल की एक बस अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क पर चल रहे टोटो को घसीटते हुए, स्कूटी से एक व्यक्ति(इंजीनियर आलोक कुमार सिंह) अपने मासूम बच्चे को स्कूल छोड़ने जा रहे थे। बस के गंभीर टक्कर ने उस व्यक्ति की जान ले ली।
एक कार चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए अपनी गाड़ी को सामने अड़ा दिया, जिससे बस की रफ्तार रुक गई और कई अन्य बच्चों व अभिभावकों की जान बच गई।

हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने बस चालक को पकड़ लिया और उससे आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने की मांग की। लेकिन चौंकाने वाली बात यह थी कि ड्राइवर के पास न तो आधार कार्ड था, न ही ड्राइविंग लाइसेंस। चश्मदीदों की मानें तो ड्राइवर की उम्र भी बेहद कम थी।

यह न केवल गैरकानूनी है, बल्कि स्कूल और ट्रांसपोर्ट एजेंसी की लापरवाही का गंभीर उदाहरण है।
कई सवाल अब भी मुंह बाए खड़े हैं:

क्या स्कूल प्रशासन ने ड्राइवर की सही जांच की थी?
एक नाबालिग को कैसे स्कूल बस थमाई गई?
बच्चों की सुरक्षा के प्रति इतनी लापरवाही क्यों?

मृतक व्यक्ति एक साधारण परिवार से थे। उनका मासूम बच्चा, जिसे वह स्कूल छोड़ने आए थे, अब कभी अपने पिता की उंगली पकड़ स्कूल नहीं जा पाएगा। यह दृश्य हर किसी की आंखें नम कर गया।

यह घटना किसी एक परिवार की नहीं, हर माता-पिता के लिए चेतावनी है। स्कूलों और परिवहन विभाग को जवाबदेह बनाना अब समय की मांग है। 😓🙏


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