, देवघर से आशुतोष झा का रिपोर्ट
देवघर।देवघर शहर के कृष्णा नगर निवासी ऋषि कुंजन वर्तमान में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय पटना बिहार के शोधार्थी हैं साथ ही वह भारतीय आर्थिक परिषद के आजीवन सदस्य भी हैं एवं वह पिछले 8 वर्षों से नेट,जेआरएफ का मार्गदर्शक एवं शिक्षक भी हैं। वर्तमान में विगत 27 दिसंबर से 29 दिसंबर तक चलने वाली भारतीय आर्थिक परिषद के 106 वां वार्षिक अधिवेशन,जो केआईआईटी विश्वविद्यालय कलिंगा भुवनेश्वर में आयोजित था उसमें उन्होंने भाग लिया और अपना लेख प्रस्तुत किया जिसका शीर्षक था।ए स्टडी ऑफ कैशलेस ट्रांजैक्शन बिहेवियर ऑफ कंज्यूमर्स एंड रिटेल सेक्टर ट्रेडर्स इन ट्रेड एंड पेमेंट पॉलिसी इन बिहार, इंडिया।इस संदर्भ में उन्होंने यह बताया कि अगर हम लोग वित्त रहित भुगतान की ओर ज्यादा से ज्यादा अग्रसर होते हैं तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था में काफी सुधार होने की संभावना प्रतीत होती है एवं तभी हम सब समृद्ध भारत की कल्पना कर सकते हैं।क्योंकि जब हम सब वित्त रहित भुगतान करते हैं तो इसका लेखा-जोखा आंकड़ा स्वत: दर्ज होता है जिससे राजस्व कर अधिक से अधिक मात्रा में प्राप्त होती है जिससे राजस्व कर नहीं देने की संभावना बहुत कम हो जाती है।कैशलेस भुगतान का सबसे अच्छा माध्यमों में बड़ा डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड,ई वायलेट,मोबाइल वायलेट यूपीआई, गिफ्ट कार्ड, चेक एवं आधार पेमेंट इत्यादि हैं।कैशलेस भुगतान से जिनका लाभ हमें कई रूपों में हमें प्राप्त होता है जैसे ठगी,छिनतई,जाली नोटों की समस्या, नोटों एवं सिक्कों की छपाई में लगने वाली कीमतों में कमी,नोटों की तरलता में कमी और ज्यादा आंकड़ा एवं कम कैश मतलब क्राइम में कमी।अतः हम सभी को वित्त रहित भुगतान कर देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अपनी अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी चाहिए।

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