आशुतोष झा का रिपोर्ट
देवघर।आज देवघर पुस्तक मेला के प्रधान संरक्षक डॉक्टर निशिकांत दुबे ने पुस्तक मेला आयोजन समिति के लोगों के साथ चल रहे तैयारियों पर समीक्षात्मक विचार विमर्श किया। सांसद ने कहा की देवघर पुस्तक मेला को आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत है और इसे देवघर के सभी प्रसिद्ध और प्रबुद्ध संगठनों को आगे बढ़कर आर्थिक सहयोग करनी चाहिए। उन्होंने यहां के सभी प्रमुख संगठन चेंबर ऑफ कॉमर्स, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, सहोदय स्कूल एसोसिएशन, बार एसोसिएशन, जिला खेल प्राधिकरण, कोचिंग एसोसिएशन, मुखिया संघ, पत्रकार संघ तथा अन्य सभी संगठनों से अपील किया कि आप सभी अपने संगठनों में एक प्रस्ताव पास कर प्रत्येक वर्ष पुस्तक मेला के लिए एक निश्चित धनराशि चाहे वह 50 हजार, एक लाख, डेढ़ लाख, दो लाख जो भी हो अपने सभी सदस्यों से एकत्रित कर दें। इससे पुस्तक मेला से सभी संगठन और उनके लोग आत्मीयता के साथ जुड़ाव महसूस करेंगे और शहर के सभी लोगों को यह अपना मेला लगेगा। सांसद ने यह भी कहा कि यूं तो बड़े प्रायोजकों से भी पुस्तक मेला कराई जा सकती है लेकिन पुस्तक मेला जैसा शैक्षणिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम देवघर के लोगों को स्वयं करना चाहिए। सांसद ने तुरंत पहल करते हुए आईएमए अध्यक्ष डॉक्टर डी. तिवारी, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री बालेश्वर सिंह, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम केसरी और सचिव दीपक कुमार, जिला खेल प्राधिकरण के पदाधिकारी वीरेंद्र सिंह, चेंबर के अध्यक्ष आलोक मल्लिक, मुखिया संघ के ललन मिश्रा, पत्रकार संघ के आरसी सिन्हा से स्वयं बात कर इस योजना को अमलीजामा पहनाने का आग्रह किया।
पुस्तक मेला प्रभारी आलोक मल्लिक ने सांसद को पुस्तक मेला की तैयारी के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। तैयारी की जानकारी प्राप्त करने के बाद सांसद ने कहा कि देवघर पुस्तक मेला शैक्षणिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक उत्सव के रूप में प्रतिष्ठित हो चुकी है और इस वर्ष पुस्तक मेला में साहित्यिक उत्सव (लिटरेरी फेस्टिवल), यूथ पार्लियामेंट, राम तरंग, राष्ट्रीय कवि सम्मेलन, सलाम भारत जैसे कार्यक्रमों से देवघर के लोगों में एक अमित छाप छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि मेला देवघर के प्रबुद्ध जन तन मन धन से सिंचित करें और देवघर पुस्तक मेला को न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश में एक बेहतर पहचान दिलाने की कोशिश करें।सांसद आज 6 जनवरी को संध्या 7 बजे पुस्तक मेला कार्यालय का भी उद्घाटन किया और सभी प्रबुद्धजनों से मिले। उन्होंने इस बार पुस्तक मेला से सांसद मद से 21 लाख की पुस्तकों की खरीद की अनुशंसा करने की भी जानकारी दी।सांसद के साथ समीक्षा बैठक में मेला प्रभारी आलोक मल्लिक, कोर कमेटी के सदस्य वीरेंद्र सिंह, आरसी सिन्हा, प्रेम केसरी, विपिन मिश्रा, मनीष पाठक, धर्मेंद्र देव, अभय आनंद झा, दीपक कुमार, ललन मिश्र, मुकेश पाठक, देवता पांडे सहित कई लोग उपस्थित थे।

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