
देवघर से प्रेम रंजन झा का रिपोर्ट

**देवघर:** स्थानीय टेनिस बॉल क्रिकेट के महाकुंभ ‘स्व. वर्धन खवाड़े ट्रॉफी’ के दूसरे दिन मैदान पर रनों की बारिश और रोमांचक मुकाबलों का बोलबाला रहा। दिन का सबसे बड़ा आकर्षण अंकित पांडेय का तूफानी प्रदर्शन रहा, जिनकी बदौलत मुकेश फ्लावर ने एकतरफा जीत दर्ज की।
**मैचों का लेखा-जोखा: अंकित की ‘पावर-हिटिंग’ से दहली विपक्षी टीम**
आज के मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। मुख्य आकर्षणों का विवरण इस प्रकार है:
* **मुकेश फ्लावर बनाम मिश्रा इलेवन:** इस मैच में **अंकित पांडेय** का बल्ला आग उगलता नजर आया। अंकित ने मात्र **37 गेंदों में 92 रनों** की आतिशी पारी खेली, जिसमें **10 गगनचुंबी छक्के** और **5 चौके** शामिल थे। बल्लेबाजी के बाद उन्होंने गेंदबाजी में भी अपना जलवा बिखेरा और **3 विकेट** चटकाए। उनके इस शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन की मदद से मुकेश फ्लावर ने मिश्रा इलेवन को **97 रनों** के विशाल अंतर से हराया।
* **मां मनसा ऑरेंज लायंस बनाम राजा कैटरिंग:** एक बेहद करीबी मुकाबले में ऑरेंज लायंस ने राजा कैटरिंग को **3 विकेट** से मात देकर अगले दौर में अपनी जगह पक्की की।
* **वीरांश स्टाइलिश बनाम बादशाह इलेवन:** वीरांश स्टाइलिश की टीम ने सधे हुए खेल का प्रदर्शन करते हुए बादशाह इलेवन को **13 रनों** से पराजित किया।
**त्रिकाल इलेवन बनाम जोई इलेवन सारवा:** त्रिकाल इलेवन ने मैच में दबदबा बनाए रखा। पहले बल्लेबाजी करते हुए त्रिकाल इलेवन ने **141 रन** बनाए, जिसके जवाब में जोई इलेवन मात्र **37 रनों** पर ढेर हो गई। त्रिकाल इलेवन की ओर से **लोकनाथ और प्रवीण** ने घातक गेंदबाजी करते हुए **4-4 विकेट** लिए। जोई इलेवन की ओर से केवल कुणाल मिश्रा ही दहाई के आंकड़े तक पहुँच सके।
**खिलाड़ियों का सम्मान और आयोजन**
मैच के समापन पर आयोजन समिति के सचिव **आशिष झा** और कार्यकारी सचिव **नीरज झा** ने सभी ‘मैन ऑफ द मैच’ विजेताओं को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर दीपक दुबे, अजय खवाड़े सहित आयोजन समिति के सभी सदस्य उपस्थित थे, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
**टेनिस बॉल क्रिकेट: प्रतिभा निखारने का सशक्त माध्यम**
> “टेनिस बॉल क्रिकेट मात्र एक खेल नहीं, बल्कि जमीनी स्तर के खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का सबसे बड़ा मंच है। इस तरह के आयोजनों से न केवल स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि युवाओं में अनुशासन और टीम भावना का भी विकास होता है। स्व. वर्धन खवाड़े ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट यह साबित करते हैं कि यदि सही अवसर मिले, तो गलियों से निकले खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का कौशल दिखा सकते हैं।”
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टेनिस बॉल क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, ऐसे आयोजन खेल जगत के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। यह खेल की सादगी और रोमांच ही है जो हजारों दर्शकों को मैदान की ओर खींच लाता है।

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